Dhyan Samadhi / ध्यान समाधि

कुछ लोग कहते है की मांसाहार सही है क्यो की वनस्पति में भी प्राण होता है , महसूस करने की ताकत होती है और दर्द होता है इसलिए वो भी जीव हत्या हुई।

उत्तर– बात सही है वनस्पति में भी महसूस करने की ताकत होती है वो भी जीव हत्या हुई ।
पर :- तर्क
पर जब हम वनस्पति को काटते है तो वो

  1. तड़पता नहीं
  2. हमसे दूर भागता नहीं
  3. उसमे से खून नहीं बहता
  4. उसके आँखों से आँसू नहीं गिरता
  5. वह अपने जीवन की भीख नहीं मांगता

पर हम जब किसी निर्दोष जानवर को काटते है तो यह सब होता है ।
और यह देख कर भी अगर हमें उस पर दया नहीं आती है तो हमें मनुष्य कहलाने का कोई हक़ नहीं । और आज जब हम एक मासूम जानवर पर दया नहीं कर सकते जबकि वोे बोलता भी नही है तो कल किसी मनुष्य पर दया कैसे करेंगे जबकि वो तो बोलता भी है । गाय को हमारे समाज में माँ का स्थान इसलिए दिया गया है क्यों की जिसका हम दूध पीते है वो हमारी माँ होती है और दूध पीकर ही हमें जीवन मिलता है । अतः गाय जीवन दायनी हुई क्यों की एक बच्चे का मुख्य भोजन दूध ही होता है और हर बच्चा गाय का दूध पीकर ही बड़ा होता है । तो फिर जो लोग इस जीवन दायनी को मार कर खा सकते है वो किसको छोड़ेंगे ? क्या ये कार्य शैतान तुल्य नहीं।
दूसरा तर्क है की हम वनस्पति को पकने के बाद यानि उसका जीवन पूर्ण होने के बाद काटते है ।
अगर आज हम फल तोड़ कर नहीं खाते है तो कल को वो वनस्पति सड़ जायेगा ,
पर अगर गाय को काट कर नहीं खाया जाये तो वो कल से 10 साल तक दूध देगी ,गोबर देगी ।
अगर मछली को नहीं खाया जाये तो वो पानी साफ़ करेगी और दुसरे मांसाहारी जीवो का भोजन भी बनेगी ।
मुर्गा नहीं खाया जाये तो वो कीड़े मकौड़े खा कर वातावरण को स्वच्छ रखेंगे ।
सुवर को नहीं खाया जाये तो वो नाली का गन्दगी खायेगा ।

मनुष्य के शाकाहारी होने के कुदरती लक्षण ।
कोई भी ऐसा मांस खाने वाला जानवर नहीं है :—
  1. जिसके काटने से रेबीस नामक रोग नहीं होता हो ।
  2. जो पानी चाट कर नहीं पिता हो ।
  3. जिसके पास 2 बड़े बड़े नुकीले दांत नहीं हो।
  4. जिसके नाख़ून नुकीले नहीं हो ।
  5. जो अपने बचाओ के लिए नहीं काटता हो बल्कि मारता हो ।
पर मनुष्य और सारे शाकाहारी प्राणी में ऐसे कोई भी लक्षण नहीं होते ।
बन्दर के कुछ प्रजाति कीड़े भी खाते हैं, तो सिर्फ इतना से ही बन्दर में मांसाहारी होने के सारे गुण है पर फिर भी बन्दर मांस नहीं खाता है ।
पर ऐसा कोई भी जानवर नहीं जिसमे शाकाहारी के गुण हो और वो मांसाहार खाता हो ।
विज्ञान भी कहता है की मनुष्य एक शुद्ध शाकाहारी प्राणी है